निशा भाभी की मस्त चुदाई – Bhabhi Sex Stories

हेलो ऑल, गर्ल्स,बॉइस एंड आंटीस, आई एम योगी बाबा हियर टू टेल यू माय रियल सेक्स एक्सपीरियेन्स जो मेरे साथ तीन साल पहले हुआ.

मैं एक क्लास स्टूडेंट था कुछ ईयर्स पहले एंड लक्ष्मी नगर, देल्ही मे पीजी पे रहता था, मेरे पीजी के सामने एक फॅमिली भी रहती थी,उनकी फॅमिली मे तीन लोग थे, आंटी, उनका बेटा और उनकी बहू निशा, निशा भाभी की शादी हुए अभि एक साल ही हुआ था, निशा भाभी एक खूबसूरत जिस्म की मालकिन थी,उनकी फिगर क्या बताउ एक दम सन्नी लीयोन जैसे,लंबी हाइट,हिप्स भरे हुए,और बूब्स का साइज़ एक दम मस्त.

जैसा मैने बतया मैं पीजी मे रहता था तो खाना कुछ खास नही मिलता था, और जैसे तैसे काम चला रहे थे, एक दिन आंटी मेरे पास आई और हॉस्पिटल चलने के लिए बोला, उन्होने बताया की उनके बेटे का आक्सिडेंट हो गया हैं एंड वो एक प्राइवेट हॉस्पिटल मे अड्मिट है.

मैने तुरंत अपनी बाइक निकाली और आंटी और भाभी को बाइक पे बैठा लिया, मैने जान बूझके पहले भाभी एंड फिर आंटी को बाइक के पीछे बैठाया.

सारे रास्ते वो दोनो काफ़ी परेशान थे रवि भैया को लेके बट मेरे दिमाग़ मे तो कुछ और ही चल रहा था और मैं निशा भाभी के बूब्स के प्रेशर का मज़ा ले रहा था,उन्हे फील कर रहा था, खैर हम सब हॉस्पिटल पहुच गये और मैं भी उनके साथ वाहा रुक गया.

क्यूकी आंटी ने बोला की तुम रुक जाओ किसी दवाई की ज़रूरत पड़े तो ले आन. मेन कहा ठीक हैं, वाहा भाभी का रो रोके बुरा हाल हुआ जा रहा था डॉक्टर को मेजर ऑपरेशन करना पड़ रहा था, खैर ऑपरेशन हो गया एंड कुछ दिन बाद भैया घर आ गये सही सलामत, इसी दौरान मेरी काफ़ी अछि दोस्ती हो गयी भाभी से और आंटी भी काफ़ी घुल मिल गयी थी.

एक दो महीने ऐसे ही निकल गये जब मैं उन्हे चुप चुप के देखता था और बहाने से कई बार उनके घर चला जाता था, मैने एक बात नोटीस की अब आंटी एंड भाभी काफ़ी उदास रहने लगी थी, भाभी कुछ ज़्यादा ही उदास रहती थी उस आक्सिडेंट के बाद, मैने पूछना चाहा कई बार बट हर बार वो किसी ना किसी बहाने से नही बताया.

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एक दिन भैया जॉब पे गये हुए थे एंड आंटी पड़ोस मे गयी हुई थी, मैं भाभी के घर गया कुछ हेल्प लेने कंप्यूटर्स मे बट वाहा जाके देखा तो भाभी रो रही थी, मैने उनसे पूछा तो बोली कुछ नही,जब मैने ज़्यादा ज़ोर दिया तो उन्होने बोला की किसिको बताओगे तो नही, मैने उनकी कसम खाली और बोला नही बताउन्गा किसिको आप बताओ तो सही.

कुछ देर के बाद उन्होने ऐसेही बात बताई की आक्सिडेंट के बाद उनके हज़्बेंड मे कमज़ोरी आ गयी हैं, मैं मन मे बोहोट खुश हुआ, भाभी से कहा तो क्या हुआ मैं हू ना, तो वो मुझपे गुस्सा होने लगी और बोली की क्या कह रहे हो, मैं तुम्हारी भाभी हू, तुम ऐसा सोच भी कैसे सकते हो, मैं डर गया और सॉरी बोलके वाहा से चला आया अपने पीजी पे, कुछ दिन तक मैं डर के मारे भाभी के घर पर भी नही गया और नाही देखने की कोशिश करी.

कुछ दिन बाद आंटी का फोन आया और कहा अपनी भाभी को कुछ सामान दिला आओ बाइक पे मार्केट से, मैं उनके घर पहुचा तो देखा भाभी एक दम तैइय्यार थी,जैसा मेरा ही इंतेजर कर रही हो, क्या माल लग रही थी वो उस दिन, लाल सारी मे,लंबी हाइट, कसा हुआ बदन, बाहर झाकते हुए बूब्स वाह मज़ा आ गया था.

मेरी हिम्मत नही हुई उनसे कुछ बोलने की बस बाइक पे बिठाया और पूछा किस वे से चले तो उन्होने बता दिया, मैं बाइक कुछ तेज चला रहा था बिना कुछ बात किए तो भाभी ने पूछा क्या हुआ तुम्हे योगी, कुछ बोल नही रहे हो, मैने बोला कुछ नही भाभी, तो उन्होने कहा मेरी उस्दीन की बात से नाराज़ हो ना.

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मैं चुप रहा, उन्होने बोला वो सामने रेस्टोरेंट हैं वाहा बाइक रोक लेना कुछ खा पीके शॉपिंग करलेगे, मैने वैसा ही किया, हम रेस्टोरेंट मे गये और एक टेबल पे जाके बैठ गये, भाभी ने कोला, पिज़्ज़ा ऑर्डर कर दिया और बोली एक बात बोलू योगी अगर बुरा ना मानो तो.मैने बोला जी भाभी बोलिए.

उन्होने कहा उस्दीन के लिए सॉरी मुझे तुमपे गुस्सा नही होना चाहिए था, मुझे बाद मे रीयलाइज़ हुआ, तुम्हारे भैया रवि अब किसी काम के नही रहे ना मैं अंदर ही अंदर जल रही हू जवानी की आग मे, तुम मुझे ग़लत मत समझना जो मैं तुमसे बोल रही हू.

बट एक रिक्वेस्ट है की क्या तुम मेरी इस जवानी की प्यास बुझाओंगे बट किसी को पता नही लगे, मेरी साँसे तेज चल रही थी और मन ही मन बोहोट खुश भी था, मैने बोला भाभी मुझे कोई प्रॉब्लम्स नही हैं अगर आपको नही हैं तो, कुछ देर ऐसे ही बात करने के बाद हम घर आ गये.

अब मेरे दिमाग़ मे बस भाभी ही भाभी थी और वो दिन आ ही गया जिसका मुझे इंतेजार था, भैया को जॉब के चक्कर मे कानपुर जाना पड़ा और आंटी को जागरण मे जाना था उसी शाम, रात 10 बजे भाभी का फोन आया और मुझे घर आने को बोला.

मैं तैयार होके घर पहुचा,भाभी ने दरवाजा खोला,उस टाइम वो एकदम कॉल गर्ल लग रही थी क्लीवेज दिखाती हुई डीप नेक वाली सारी,कमर दिखाती हुई, नीली सारी मे वो एकदम परी सी लग रही थी.

मैने टाइम वेस्ट ना करते हुए एक दम जाकड़ लिया अपनी बाहो मे और लिप्स से लिप्स मिला दिया और पागलो की तरह स्मूच करने लगा, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, और बेडरूम ले गया, जाते जाते मैं उनकी सारी उतार चुका था, उन्हे बेड पे लेटने के लिए बोला और वो लेट गयी.

मैं उनके पैरो के बीच मे पहूचके हल्के हल्के उपर बढ़ने लगा और पेटिकोट मे घुस गया,और पैंटी तक जा पहुचा और चुत को पागलो की तरह चाटने लगा एंड किस करने लगा, वाह क्या स्वाद था उनके काम रस का की क्या बताउ.

भाभी अपने हाथ से मेरा सिर अपनी चुत पे दबा रही थी, एंड मैं उनकी चूत का रस पान कर रहा था, कुछ मिनिट तक ऐसेही चलता रहा, अब समय था भाभी की जवानी का रस पीने का और आगे बढ़ने का.

अब धीरे से मैने अपना एक हाथ उनके बूब्स से रखे हुए उन्हे प्रेस करने लगा और चुत को चाटता रहा, अब उनके मूह से अजीब सी आवाज़े निकल रही थी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उउम्म्म उफफफफफफफफ्फ़ ओररर जोर्र्र से चाटो इस प्यासी चुतत्तत्त को और इसका साररा पाअनि पीए लूओ उम्म्म्मम अह्ह्ह्ह्ह्ह.

अब मैने उनका पेटिकोट और ब्लाउस उतार दिया था, क्या माल लग रही थी, एक दम सफेद दूध की तरह, अब निशा भाभी मेरे सामने सिर्फ़ पैंटी एंड ब्रा मे थी और किसी परि से कम नही लग रही थी.

आगे की स्टोरी आपके रेस्पॉन्स के बाद बताउन्गा, रीच मी मेरी मैल आईडी है एंड गिव युवर रेस्पॉन्स और बताए की हिन्दी सेक्स स्टोरीस कैसी लगी, लॅडीस एंड आंटीस के मैल का स्पेशली वेट करूगा, और अगर कोई आंटी देल्ही मे सीक्रेट रिलेशन्षिप रखना चाहती हो तो मुझे कॉंटॅक्ट कर सकती हैं, आई हॅव मस्क्युलर बॉडी एंड हॅव 7.5 इंच मेटीरियल, गुड बाइ दोस्तो.